Chicken Neck Corridor: पश्चिम बंगाल सरकार ने भारत-बांग्लादेश सीमा की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। जिसमें मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की सरकार ने रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण चिकन नेक इलाके (Chicken Neck Corridor) की 121 हेक्टेयर जमीन सीमा सुरक्षा बल (BSF) को सौंप दी है। इसके साथ ही सीमावर्ती नौ जिलों में भी BSF को बड़ी मात्रा में जमीन ट्रांसफर की गई है, ताकि बॉर्डर फेंसिंग और सुरक्षा ढांचे का काम तेजी से पूरा किया जा सके।
जानकारी के लिए बता दें की सरकार के इस फैसले को सीमा सुरक्षा के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। साथ ही, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी इस तेज कार्रवाई की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी को बधाई दी है।
पहली कैबिनेट बैठक में लिया गया था फैसला
जानकारी के मुताबिक, भाजपा सरकार बनने के बाद 11 मई को हुई पहली कैबिनेट बैठक में यह बड़ा फैसला लिया गया था। बैठक में तय किया गया कि सीमा पर फेंसिंग और सुरक्षा परियोजनाओं के लिए 45 दिनों के भीतर करीब 600 एकड़ जमीन BSF को ट्रांसफर की जाएगी। इसी फैसले के तहत अब सरकार ने चिकन नेक इलाके की 121 हेक्टेयर जमीन BSF को सौंप दी है। सरकार का कहना है कि इससे बॉर्डर पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा तथा घुसपैठ और तस्करी जैसी गतिविधियों पर रोक लगेगी।
सोशल मीडिया पर दी जानकारी
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर इस फैसले की जानकारी साझा की है। जिसमें उन्होंने बताया कि चिकन नेक इलाके के अलावा नौ सीमावर्ती जिलों में भी BSF को 142.79 एकड़ जमीन ट्रांसफर की गई है। इस जमीन का उपयोग बॉर्डर आउटपोस्ट (BOP), सुरक्षा चौकियों और फेंसिंग से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर को विकसित करने में किया जाएगा। सरकार का दावा है कि इससे सीमा पर निगरानी और सुरक्षा दोनों मजबूत होंगी।
क्यों अहम है चिकन नेक इलाका?
चिकन नेक इलाका भारत के लिए बेहद संवेदनशील और रणनीतिक क्षेत्र माना जाता है। साथ ही, यह उत्तर-पूर्वी राज्यों को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने वाला बेहद संकरा भूभाग है। सुरक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक, इस इलाके की सुरक्षा में किसी भी तरह की कमजोरी देश की रणनीतिक स्थिति को प्रभावित कर सकती है। इसी वजह से केंद्र और राज्य सरकार दोनों इस इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने पर जोर दे रहे हैं। सरकार का मानना है कि यहां मजबूत फेंसिंग और BSF इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार होने से घुसपैठ, अवैध तस्करी और सीमा पार अपराधों पर कड़ी निगरानी रखी जा सकेगी।
बंगाल की सीमा सबसे लंबी
पश्चिम बंगाल की सीमा बांग्लादेश के साथ लगभग 2,217 किलोमीटर लंबी है। यह देश के किसी भी राज्य की सबसे लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा मानी जाती है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, करीब 1,600 किलोमीटर इलाके में पहले ही फेंसिंग का काम पूरा किया जा चुका है, लेकिन लगभग 600 किलोमीटर हिस्सा अब भी पूरी तरह खुला हुआ है। यही खुला इलाका लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। सीमा के खुले हिस्सों से अक्सर अवैध घुसपैठ, पशु तस्करी और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों की खबरें सामने आती रही हैं। ऐसे में सरकार अब इस पूरे इलाके को सुरक्षित बनाने के लिए तेजी से काम कर रही है।
किन जिलों में कितनी जमीन दी गई?
जानकारी के अनुसार, सीमा से जुड़े नौ जिलों में BSF को जमीन ट्रांसफर की गई है। इनमें सबसे ज्यादा जमीन मुर्शिदाबाद और जलपाईगुड़ी जिलों में दी गई है।
जिलावार जमीन का विवरण
- कूचबिहार – 22.92 एकड़
- जलपाईगुड़ी – 35.16 एकड़
- दार्जिलिंग – 8.81 एकड़
- उत्तर दिनाजपुर – 2.84 एकड़
- दक्षिण दिनाजपुर – 20.17 एकड़
- मालदा – 10.9 एकड़
- मुर्शिदाबाद – 38.8 एकड़
- नादिया – 0.55 एकड़
- उत्तर 24 परगना – 2.6 एकड़
सरकार के मुताबिक, इससे पहले भी पहले चरण में पांच जिलों में 43 एकड़ जमीन खरीदी गई थी। वहीं 20 मई को 31.9 एकड़ जमीन के आदेश BSF को सौंपे गए थे।

अमित शाह ने की तारीफ
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पश्चिम बंगाल सरकार की इस तेज कार्रवाई की खुलकर तारीफ की है। जिसमें उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान सरकार बनने के बाद सीमा फेंसिंग का काम तेज करने का वादा किया गया था और अब उस दिशा में तेजी से कदम उठाए जा रहे हैं। अमित शाह ने कहा कि महज सात दिनों के भीतर चिकन नेक की 121 हेक्टेयर जमीन BSF को सौंपना बड़ा और सराहनीय कदम है। उन्होंने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी को बधाई देते हुए कहा कि इससे सीमा सुरक्षा को नई मजबूती मिलेगी।
घुसपैठ और तस्करी पर लगेगी रोक
सरकार का कहना है कि इस फैसले के बाद भारत-बांग्लादेश सीमा पर घुसपैठ और तस्करी जैसी गतिविधियों पर काफी हद तक रोक लगाई जा सकेगी। सीमावर्ती इलाकों में मजबूत फेंसिंग, नए बॉर्डर आउटपोस्ट और आधुनिक सुरक्षा ढांचे के जरिए BSF की निगरानी क्षमता बढ़ेगी। इससे सीमा पर होने वाली संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत कार्रवाई संभव होगी।
आने वाले समय में और तेज होगा काम
सूत्रों के मुताबिक, सरकार आने वाले महीनों में सीमा फेंसिंग के बाकी बचे हिस्सों को भी तेजी से पूरा करने की तैयारी कर रही है। केंद्र और राज्य सरकार मिलकर सीमा सुरक्षा को पूरी तरह मजबूत बनाने की दिशा में काम कर रही हैं।
एक्सपर्ट्स का मानना है कि चिकन नेक जैसे संवेदनशील इलाके में सुरक्षा इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत होने से पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र की सुरक्षा को फायदा मिलेगा।
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