Delhi Air Pollution: दिल्ली–एनसीआर में वायु गुणवत्ता लगातार बिगड़ती दिखाई दे रही है। केंद्र व राज्य सरकार के द्वारा भी इस गंभीर मामले को लेकर कई तरह के फैसले लिए जा रहे हैं। इसी क्रम में प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) अब एक्शन मोड में आ गया है। दिल्ली में प्रदूषण के स्रोतों पर तुरंत और प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करने के लिए प्रधानमंत्री के प्रिंसिपल सेक्रेटरी की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई।
बता दें कि PMO की बैठक में केंद्र सरकार, दिल्ली सरकार, पर्यावरण मंत्रालय, परिवहन विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।
इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने पर जोर
PMO की बैठक में अधिकारियों को विशेष रूप से निर्देश दिए है कि दिल्ली के ज्यादातर इलाकों में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को चलाया जाए। इसके लिए चार्जिंग स्टेशन का विस्तार, ईवी इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना और आम लोगों को इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर आकर्षित करने के प्रयास किए जाएंगे।
सरकार का पुराने वाहनों पर सख्त रुख
खबरों के मुताबिक, इस बैठक में पुराने वाहनों पर सख्त रुख को लेकर कदम उठाए गए है। दरअसल, दिल्ली–एनसीआर में अब भी लगभग 37% वाहन BS-I से BS-III श्रेणी के वाहन मौजूद हैं। ये सभी पुराने वाहन प्रदूषण का बड़ा कारण माने गए हैं। ऐसे में PMO ने साफ निर्देश दिए है कि दिल्ली में ऐसे वाहनों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू की जाए।

हाई-टेक मॉनिटरिंग सिस्टम होगा लागू
दिल्ली में प्रदूषण फैलाने वाले सभी वाहनों की पहचान और निगरानी के लिए अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग किया जाएगा। इसके लिए सरकार ने निम्न तकनीकों पर काम तेज करने के निर्देश जारी कर दिए है, जो कुछ इस प्रकार से हैं।
- रियल-टाइम ट्रैकिंग
- हाई-टेक नंबर प्लेट स्कैनर
- सेंसर बेस्ड चेकिंग
- एआई-समर्थित मॉनिटरिंग सिस्टम
नियमों का उल्लंघन करने पर तुरंत ऐक्शन
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया है कि अगर कोई भी व्यक्ति प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े नियमों का उल्लंघन करते हुए पाया जाता है, तो उनके ऊपर तुरंत जुर्माना, वाहन जब्ती और अन्य दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसे प्रभाव में लाने के लिए सरकार के द्वारा अलग-अलग विभागों के बीच समन्वय को और मजबूत किया जाएगा।
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