Close Menu
Khaber Aaj Ki
  • टॉप न्यूज़ आइकन

    टॉप न्यूज़

    • ख़बर आज की खास आइकन

      ख़बर आज की खास

    • क्राइम
  • दुनिया आइकन

    दुनिया

  • पॉलिटिक्स आइकन

    पॉलिटिक्स

  • खेल आइकन

    खेल

    • क्रिकेट
    • फुटबॉल
    • ओलंपिक्स
  • मनोरंजन आइकन

    मनोरंजन

    • बॉलीवुड
    • हॉलीवुड
    • ओटीटी
    • टॉलीवूड
  • एजुकेशन आइकन

    एजुकेशन

    • स्कूल / कॉलेज
    • कैरियर्स
    • परीक्षा
  • भारत आइकन

    भारत

    • मध्यप्रदेश
    • उत्तरप्रदेश
    • बिहार
    • राजस्थान
    • झारखंड
    • पंजाब
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • तमिलनाडु
    • दिल्ली
    • पश्चिम बंगाल
    • महाराष्ट्र
  • टेक्नोलॉजी आइकन

    टेक्नोलॉजी

    • ऑटोमोबाइल्स
    • गैजेट्स
    • AI न्यूज़
  • लाइफस्टाइल आइकन

    लाइफस्टाइल

    • फिटनेस
    • फैशन
    • रिलेशनशिप्स
    • हेल्थ
  • बिजनेस आइकन

    बिजनेस

    • मार्केट
    • स्टार्टअप्स
    • इकॉनमी
  • वेब स्टोरीज
  • Others

    अन्य..

    • ज्योतिष
    • यूटिलिटी
    • वुमन
    • जीवन मंत्र
Tags
aaj ka rashifal (26) AMIT SHAH (32) astrology (92) Astrology news (23) Bihar News (35) Bihar Politics (49) BJP (74) Bollywood (36) Bollywood News (24) breaking news (32) congress (44) cricket news (31) daily horoscope (132) Delhi News (34) Delhi Weather (24) donald trump (49) Election Commission (25) horoscope (98) horoscope today (42) IMD Alert (20) india (29) India News (23) Indian Politics (30) indian railways (22) IPL 2026 (28) Kal Ka Rashifal (47) khaber aaj ki (508) khaberaajki (239) lifestyle news (21) Madhya Pradesh (24) mamata banerjee (40) Narendra modi (91) operation sindoor (33) PM Modi (103) rahul gandhi (37) Rashifal (91) supreme court (23) tmc (33) top news (73) uttar pradesh news (31) vedic astrology (40) viral video (24) West Bengal Politics (35) Yogi Adityanath (24) zodiac signs (81)
Facebook X (Twitter) Instagram
Khaber Aaj Ki
  • होम
  • वीडियो
  • वेब स्टोरीज
  • ट्रेंडिंग न्यूज़
Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
  • टॉप न्यूज़ आइकन

    टॉप न्यूज़

    • ख़बर आज की खास आइकन

      ख़बर आज की खास

    • क्राइम
  • दुनिया आइकन

    दुनिया

  • पॉलिटिक्स आइकन

    पॉलिटिक्स

  • खेल आइकन

    खेल

    • क्रिकेट
    • फुटबॉल
    • ओलंपिक्स
  • मनोरंजन आइकन

    मनोरंजन

    • बॉलीवुड
    • हॉलीवुड
    • ओटीटी
    • टॉलीवूड
  • एजुकेशन आइकन

    एजुकेशन

    • स्कूल / कॉलेज
    • कैरियर्स
    • परीक्षा
  • भारत आइकन

    भारत

    • मध्यप्रदेश
    • उत्तरप्रदेश
    • बिहार
    • राजस्थान
    • झारखंड
    • पंजाब
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • तमिलनाडु
    • दिल्ली
    • पश्चिम बंगाल
    • महाराष्ट्र
  • टेक्नोलॉजी आइकन

    टेक्नोलॉजी

    • ऑटोमोबाइल्स
    • गैजेट्स
    • AI न्यूज़
  • लाइफस्टाइल आइकन

    लाइफस्टाइल

    • फिटनेस
    • फैशन
    • रिलेशनशिप्स
    • हेल्थ
  • बिजनेस आइकन

    बिजनेस

    • मार्केट
    • स्टार्टअप्स
    • इकॉनमी
  • वेब स्टोरीज
  • Others

    अन्य..

    • ज्योतिष
    • यूटिलिटी
    • वुमन
    • जीवन मंत्र
Khaber Aaj Ki
  • टॉप न्यूज़ आइकन

    टॉप न्यूज़

  • दुनिया आइकन

    दुनिया

  • पॉलिटिक्स आइकन

    पॉलिटिक्स

  • खेल आइकन

    खेल

  • मनोरंजन आइकन

    मनोरंजन

  • एजुकेशन आइकन

    एजुकेशन

  • भारत आइकन

    भारत

  • टेक्नोलॉजी आइकन

    टेक्नोलॉजी

  • लाइफस्टाइल आइकन

    लाइफस्टाइल

  • बिजनेस आइकन

    बिजनेस

  • वेब स्टोरीज
  • Others

    अन्य..

Home » FCRA Bill 2026: विदेशी फंडिंग पर अमेरिकी सांसद के बयान को केंद्र ने किया खारिज, कहा- यह भारत का ‘इंटरनल मेटर’ है
खबर आज की खास

FCRA Bill 2026: विदेशी फंडिंग पर अमेरिकी सांसद के बयान को केंद्र ने किया खारिज, कहा- यह भारत का ‘इंटरनल मेटर’ है

Aparna PanwarBy Aparna Panwar07/08/2026Updated:07/08/20266 Mins Read
Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp
FCRA Bill 2026: विदेशी फंडिंग पर अमेरिकी सांसद के बयान को केंद्र ने किया खारिज
FCRA Bill 2026: विदेशी फंडिंग पर अमेरिकी सांसद के बयान को केंद्र ने किया खारिज

FCRA Bill 2026: विदेशी चंदे और गैर सरकारी संगठनों यानी NGOs को मिलने वाली फंडिंग से जुड़े Foreign Contribution (Regulation) Amendment Bill, 2026 को लेकर विवाद बढ़ता नजर आ रहा है। जिसमें प्रस्तावित FCRA संशोधनों पर अमेरिकी सांसद राइली मूर की आपत्ति के बाद भारत के विदेश मंत्रालय यानी MEA ने साफ प्रतिक्रिया दी है। मंत्रालय ने अमेरिकी सांसद की टिप्पणी को खारिज करते हुए कहा कि भारत में विदेशी फंडिंग को लेकर कानून बनाना और उसमें बदलाव करना देश का आंतरिक मामला है।

जानकारी के लिए बता दें विदेश मंत्रालय ने यह भी याद दिलाया कि भारत अकेला ऐसा देश नहीं है, जहां विदेशी फंडिंग को लेकर नियम बनाए गए हैं। अमेरिका समेत कई देशों में विदेशी स्रोतों से मिलने वाले धन और उससे जुड़ी गतिविधियों पर निगरानी रखने के लिए अलग-अलग कानून और नियम लागू हैं।

क्या है FCRA Bill 2026?

FCRA यानी Foreign Contribution (Regulation) Act का मुख्य उद्देश्य भारत में आने वाली विदेशी फंडिंग को काबू करना है। इसके तहत NGOs, सामाजिक संस्थाओं, धार्मिक संगठनों और अन्य संस्थाओं को विदेशी स्रोतों से मिलने वाले धन के इस्तेमाल को लेकर नियमों का पालन करना पड़ता है।

सरकार की ओर से प्रस्तावित संशोधनों में विदेशी फंडिंग हासिल करने वाली संस्थाओं के लिए नियमों को और स्पष्ट और सख्त बनाने की बात कही गई है। सरकार का तर्क है कि विदेशी धन से जुड़ी गतिविधियों में पारदर्शिता जरूरी है और यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि विदेशी फंड का इस्तेमाल कानून के अनुसार ही हो। प्रस्तावित बदलावों में FCRA रजिस्ट्रेशन खत्म होने, रिन्यू नहीं होने या संस्था की ओर से रजिस्ट्रेशन सरेंडर किए जाने की स्थिति से जुड़े प्रावधान भी शामिल हैं।

FCRA रजिस्ट्रेशन खत्म होने पर क्या होगा?

प्रस्तावित संशोधनों के अनुसार अगर किसी संस्था का FCRA रजिस्ट्रेशन रद्द हो जाता है, उसका रजिस्ट्रेशन रिन्यू नहीं होता या संस्था खुद अपना रजिस्ट्रेशन सरेंडर कर देती है, तो उससे जुड़ी विदेशी फंडिंग और कुछ संपत्तियों को लेकर नया प्रावधान लागू हो सकता है। बता दें ऐसी स्थिति में संबंधित विदेशी फंड या संपत्ति को नामित प्राधिकरण यानी Designated Authority के अधीन किए जाने का प्रावधान प्रस्तावित है। इसके बाद इन संपत्तियों के इस्तेमाल को लेकर सरकार की भूमिका अहम हो सकती है।

सरकार का कहना है कि इसका उद्देश्य विदेशी फंडिंग से तैयार की गई सार्वजनिक उपयोग की संपत्तियों को असुरक्षित होने से बचाना है। यानी यदि किसी संस्था का FCRA दर्जा खत्म हो जाता है, तो विदेशी फंड से बनी संपत्तियों को लेकर कानूनी स्थिति स्पष्ट रहे।

विदेशी फंड खर्च करने के लिए भी तय होगी समयसीमा

प्रस्तावित FCRA संशोधनों में विदेशी फंड को अपने पास रखने और उसका इस्तेमाल करने को लेकर भी समयसीमा तय किए जाने की बात कही गई है। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि विदेशी स्रोतों से मिला पैसा लंबे समय तक बिना स्पष्ट उद्देश्य के किसी संस्था के पास न पड़ा रहे।

ऐसे में अगर किसी संस्था के FCRA रजिस्ट्रेशन या विदेशी फंड से जुड़े नियमों पर सरकार की ओर से कार्रवाई होती है, तो संस्था को अपनी संपत्ति के ट्रांसफर या बिक्री से जुड़े अधिकारों पर भी प्रतिबंध का सामना करना पड़ सकता है। इससे सरकार को यह सुनिश्चित करने में मदद मिलने की उम्मीद है कि किसी संस्था के खिलाफ कार्रवाई की स्थिति में विदेशी फंड से जुड़ी संपत्तियों को दूसरी जगह ट्रांसफर न किया जा सके।

FCRA बिल को कहा- भारत का ‘इंटरनल मेटर’
FCRA बिल को कहा- भारत का ‘इंटरनल मेटर’

FCRA मामलों की जांच को लेकर भी बदलाव

प्रस्तावित संशोधनों में FCRA से जुड़े मामलों की जांच को लेकर भी प्रावधानों में बदलाव की बात सामने आई है। ऐसे मामलों में जांच शुरू करने से पहले सरकार की अनुमति को जरूरी किए जाने का प्रस्ताव है। इसके अलावा अगर किसी संस्था में FCRA के नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो केवल संस्था को ही जिम्मेदार नहीं माना जाएगा। संस्था के डायरेक्टर, ट्रस्टी और संबंधित पदाधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ सकती है। इस प्रावधान का मकसद यह तय करना है कि संस्था के संचालन के लिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही भी सुनिश्चित हो।

सजा के प्रावधान में भी बदलाव

FCRA Bill 2026 में नियमों के उल्लंघन से जुड़े दंड के प्रावधान में भी बदलाव प्रस्तावित है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार कुछ मामलों में सजा की अधिकतम अवधि को पांच साल से घटाकर एक साल किए जाने का प्रस्ताव है।

इस तरह बिल में एक तरफ विदेशी फंडिंग और संपत्तियों की निगरानी को लेकर सख्ती बढ़ाने की बात है, वहीं कुछ अपराधों में सजा की अवधि को कम करने का प्रस्ताव भी रखा गया है।

अमेरिकी सांसद राइली मूर ने क्यों जताई आपत्ति?

FCRA Bill 2026 को लेकर अमेरिकी सांसद राइली मूर ने चिंता जताई है। जिसमें उन्होंने दावा किया है कि अगर चर्च और धार्मिक चैरिटी संस्थाओं का FCRA रजिस्ट्रेशन रद्द होता है, तो प्रस्तावित प्रावधानों के जरिए सरकार उनकी संपत्तियों और गतिविधियों पर अधिक नियंत्रण हासिल कर सकती है।

मूर ने इन प्रस्तावित बदलावों को ईसाई समुदाय से जोड़ते हुए चिंता जाहिर की और भारत सरकार से FCRA में प्रस्तावित संशोधनों पर दोबारा विचार करने की अपील की है। जिसमें उनका कहना था कि ऐसे प्रावधान भारत में धार्मिक संस्थाओं और चैरिटी संगठनों को प्रभावित कर सकते हैं। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि इससे भारत और अमेरिका के संबंधों पर असर पड़ सकता है।

MEA ने दिया जवाब

अमेरिकी सांसद की टिप्पणी पर भारत के विदेश मंत्रालय ने साफ कर दिया कि विदेशी फंडिंग को नियंत्रित करने के लिए कानून बनाना भारत का आंतरिक मामला है।

MEA के मुताबिक भारत अपने कानून और नीतियां अपनी जरूरतों और राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखकर बनाता है। मंत्रालय ने यह भी कहा कि विदेशी फंडिंग को काबू करने के लिए केवल भारत में ही नियम नहीं हैं, बल्कि अमेरिका सहित कई देशों में विदेशी धन के प्रवाह और इस्तेमाल को लेकर कानून मौजूद हैं।

भारत सरकार का कहना है कि FCRA में प्रस्तावित बदलावों का उद्देश्य किसी विशेष धर्म या समुदाय को निशाना बनाना नहीं, बल्कि विदेशी फंडिंग से जुड़ी संस्थाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है।

सरकार और अमेरिकी सांसद के दावों में अंतर

FCRA Bill 2026 को लेकर भारत सरकार और अमेरिकी सांसद के रुख में स्पष्ट अंतर दिखाई दे रहा है। अमेरिकी सांसद जहां प्रस्तावित प्रावधानों के धार्मिक संस्थाओं पर संभावित प्रभाव को लेकर सवाल उठा रहे हैं, वहीं भारत सरकार इसे विदेशी फंडिंग और उससे जुड़ी संपत्तियों की निगरानी से जोड़कर देख रही है।

सरकार का तर्क है कि विदेशी स्रोतों से मिलने वाले धन का इस्तेमाल देश के कानूनों के मुताबिक होना चाहिए। वहीं आलोचकों की चिंता है कि कड़े प्रावधानों से NGOs और धार्मिक संस्थाओं के कामकाज पर सरकार का नियंत्रण बढ़ सकता है। ऐसे में अब नजर इस बात पर होगी कि FCRA Bill 2026 को लेकर संसद में आगे किस तरह की चर्चा होती है और प्रस्तावित प्रावधानों में कोई बदलाव किया जाता है या नहीं।

ये भी पढ़ें: Parliament Monsoon Session 2026: हंगामे की भेंट चढ़ा संसद का तीसरा हफ्ता, लोकसभा-राज्यसभा सोमवार तक स्थगित

FCRA Amendment FCRA Bill 2026 Foreign Funding MEA NGOs Riley Moore
Share. Facebook Telegram WhatsApp Twitter
Aparna Panwar
  • Facebook
  • X (Twitter)
  • Instagram
  • LinkedIn

अपर्णा पवांर, एक हिंदी कंटेंट राइटर है, जिन्होंने डिजिटल मीडिया में अपनी लेखनी से पहचान बनाई। आज वे "Khaber Aaj Ki" में हिंदी कंटेंट राइटर के पद पर काम करते हुए पत्रकारिता को अपना जुनून मानती हैं। उनके विचारों में खबरें केवल सूचनाएं नहीं, बल्कि लोगों तक सच्चाई पहुँचाने का माध्यम हैं।

Related Posts

CEC Gyanesh Kumar: ज्ञानेश कुमार पर ‘पीपुल्स महाभियोग’ की तैयारी

CEC Gyanesh Kumar: ज्ञानेश कुमार पर ‘पीपुल्स महाभियोग’ की तैयारी, EC ऑफिस के बाहर रोका पूर्व अफसरों का दल

05/10/2026
India Switzerland Deal: भारत-स्विट्जरलैंड समझौते से खुलेगा रोजगार का रास्ता

India Switzerland Deal: भारत-स्विट्जरलैंड समझौते से खुलेगा रोजगार का रास्ता, अब 10 लाख नौकरियां और 100 अरब डॉलर निवेश पर फोकस

05/10/2026
ODI World Cup 2027 Full Schedule: टीम इंडिया का पूरा शेड्यूल आया सामने

ODI World Cup 2027 Full Schedule: टीम इंडिया का पूरा शेड्यूल आया सामने, 7 अक्टूबर को होगा पहला मैच, जानें पूरी डिटेल

01/10/2026
News
Delhi NCR Earthquake: दिल्ली-एनसीआर से उत्तर भारत तक कांपी धरती

Delhi NCR Earthquake: दिल्ली-एनसीआर से उत्तर भारत तक कांपी धरती, उत्तरकाशी में 4.9 तीव्रता का भूकंप

06/10/2026
Kal Ka Rashifal

Kal Ka Rashifal 7 October 2026: मेष से मीन तक जानें किसे मिलेगा लाभ और किसे रहना होगा सावधान

06/10/2026
Uttar Pradesh News: यूपी में लागू होगी नई व्यवस्था

Uttar Pradesh News: यूपी में लागू होगी नई व्यवस्था, अब अस्पताल में दवा खरीदने से पहले जान सकेंगे असली रेट

06/10/2026
By-Election 2026: बंगाल में वोटिंग के बीच हुमायूं कबीर हुए गिरफ्तार

By-Election 2026: बंगाल में वोटिंग के बीच हुमायूं कबीर हुए गिरफ्तार, नंदीग्राम में बंपर मतदान, 4 राज्यों की 6 सीटों पर वोटिंग जारी

06/10/2026
Patna News: पटना के बेहरावां में बड़ा हुआ हादसा

Patna News: पटना के बेहरावां में हुआ बड़ा हादसा, पुलिस कार्रवाई के बीच नदी में कूदे 60 लोग, 2 की डूबने से मौत

06/10/2026
Rahul Gandhi Protest: एसआईआर प्रदर्शन में राहुल गांधी का सवाल

Rahul Gandhi Protest: एसआईआर प्रदर्शन में राहुल गांधी का सवाल, ‘ज्ञानेश कुमार विपक्षी सांसदों से क्यों नहीं मिल रहे?’

06/10/2026
CEC Gyanesh Kumar: ज्ञानेश कुमार पर ‘पीपुल्स महाभियोग’ की तैयारी

CEC Gyanesh Kumar: ज्ञानेश कुमार पर ‘पीपुल्स महाभियोग’ की तैयारी, EC ऑफिस के बाहर रोका पूर्व अफसरों का दल

05/10/2026
India Switzerland Deal: भारत-स्विट्जरलैंड समझौते से खुलेगा रोजगार का रास्ता

India Switzerland Deal: भारत-स्विट्जरलैंड समझौते से खुलेगा रोजगार का रास्ता, अब 10 लाख नौकरियां और 100 अरब डॉलर निवेश पर फोकस

05/10/2026
Load More

Subscribe to Updates

Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

News Calendar
October 2026
M T W T F S S
 1234
567891011
12131415161718
19202122232425
262728293031  
« Sep    
Facebook Instagram YouTube X (Twitter)

Information Links

  • टॉप न्यूज़
  • खबर आज की खास
  • मनोरंजन
  • एजुकेशन
  • टेक्नोलॉजी

Quick Links

  • होम
  • वीडियो
  • वेब स्टोरीज
  • पॉलिटिक्स
  • देश – विदेश

Useful Links

  • About Us
  • Contact Us
  • Corrections Policy
  • Editorial Policy
  • Ethics Policy
  • Fact Check Policy
  • Grievance Officer
  • Privacy Policy
  • Terms & Conditions

Subscribe to Updates

Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

© 2025 All Rights Reserved

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.