Indian Women Historic Win: भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने इंग्लैंड की धरती पर इतिहास रच दिया, जिसे लंबे समय तक याद रखा जाएगा। बता दें की क्रिकेट के सबसे प्रतिष्ठित मैदान लॉर्ड्स में खेले गए महिला टेस्ट मैच में टीम इंडिया ने मेजबान इंग्लैंड को 270 रन के बड़े अंतर से हराकर शानदार जीत दर्ज की है। दरअसल यह केवल एक जीत नहीं है, बल्कि भारतीय महिला क्रिकेट की ताकत और आत्मविश्वास का बड़ा संदेश भी है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें जहां एक ओर भारतीय पुरुष टीम इंग्लैंड दौरे पर खराब प्रदर्शन के कारण लगातार आलोचनाओं का सामना कर रही है, वहीं कप्तान हरमनप्रीत कौर की अगुवाई में महिला टीम ने शानदार प्रदर्शन कर देशवासियों को जश्न मनाने का मौका दिया। बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग तीनों विभागों में भारतीय खिलाड़ियों ने इंग्लैंड पर पूरी तरह दबदबा बनाए रखा।
यास्तिका भाटिया ने खेली करियर की यादगार पारी
भारत की जीत की सबसे बड़ी हीरो विकेटकीपर बल्लेबाज यास्तिका भाटिया रहीं। जिसमें उन्होंने दूसरी पारी में शानदार बल्लेबाजी करते हुए 113 रन बनाए। ऐसे में यह उनके टेस्ट करियर का पहला शतक था। उन्होंने 145 गेंदों में अपना शतक पूरा किया और अपनी पारी के दौरान 14 शानदार चौके लगाए।
यास्तिका की इस पारी की बदौलत उनका नाम लॉर्ड्स के प्रतिष्ठित ऑनर बोर्ड में दर्ज हो गया। वहीं किसी भी क्रिकेटर के लिए लॉर्ड्स के ऑनर बोर्ड में जगह बनाना बहुत बड़ी उपलब्धि माना जाता है।
भारत ने रखा 457 रन का विशाल लक्ष्य
भारतीय टीम ने दूसरी पारी में 7 विकेट के नुकसान पर 341 रन बनाकर पारी घोषित की। इसके साथ ही इंग्लैंड के सामने जीत के लिए 457 रन का मुश्किल लक्ष्य रखा गया।
इस दौरान स्मृति मंधाना ने भी 70 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली। वहीं ऋचा घोष ने तेज बल्लेबाजी करते हुए नाबाद 50 रन बनाए और टीम की बढ़त को 450 रन के पार पहुंचाने में अहम योगदान दिया। भारतीय बल्लेबाजों ने पूरे मैच में इंग्लैंड के गेंदबाजों को लगातार दबाव में रखा।
सोफी एक्लेस्टोन ने किया संघर्ष
बता दें इंग्लैंड की स्टार स्पिनर सोफी एक्लेस्टोन ने भारतीय बल्लेबाजों को रोकने की पूरी कोशिश की। उन्होंने दूसरी पारी में 33.3 ओवर गेंदबाजी करते हुए 118 रन देकर पांच विकेट लिए। यह उनके टेस्ट करियर का चौथा फाइव विकेट हॉल था। पूरे मैच में उन्होंने कुल आठ विकेट अपने नाम किए, लेकिन बाकी गेंदबाज उनका साथ नहीं दे सके। इसी वजह से इंग्लैंड भारत को बड़ा स्कोर बनाने से नहीं रोक सका।
भारतीय गेंदबाजों ने इंग्लैंड की बल्लेबाजी को किया ध्वस्त
457 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की शुरुआत बेहद खराब रही। भारतीय तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ ने पहले ही ओवर में अनुभवी बल्लेबाज टैमी ब्यूमोंट को बिना खाता खोले बोल्ड कर दिया।
दरअसल क्रांति यहीं नहीं रुकीं। बल्कि उन्होंने इंग्लैंड की पूर्व कप्तान हीदर नाइट को भी सिर्फ 13 रन पर आउट कर भारत को बड़ी सफलता दिलाई। यह नाइट का विदाई टेस्ट मैच था, लेकिन वह इसे यादगार नहीं बना सकीं। इसके बाद भारतीय गेंदबाजों ने लगातार विकेट निकालते हुए इंग्लैंड को वापसी का कोई मौका नहीं दिया।
A day that goes down in the 𝗵𝗶𝘀𝘁𝗼𝗿𝘆 𝗯𝗼𝗼𝗸𝘀 📚#TeamIndia WIN the first-ever women's Test match at Lord's 🥳
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— BCCI Women (@BCCIWomen) July 13, 2026
स्नेह राणा ने दिखाई शानदार गेंदबाजी
भारतीय स्पिनर स्नेह राणा ने दूसरी पारी में चार विकेट लेकर इंग्लैंड की बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी। उनके अलावा क्रांति गौड़, दीप्ति शर्मा और सयाली सतघरे ने दो-दो विकेट हासिल किए।
इंग्लैंड की ओर से एमी जोन्स ने 54 रन बनाकर कुछ देर संघर्ष किया। सोफी एक्लेस्टोन ने भी 50 रन बनाए, लेकिन भारतीय गेंदबाजों के सामने उनकी कोशिशें नाकाफी साबित हुईं। पूरी इंग्लैंड टीम 186 रन पर सिमट गई और भारत ने मुकाबला 270 रन से जीत लिया।
लॉर्ड्स के ऑनर बोर्ड पर भारत का दबदबा
इस मैच की सबसे खास बात यह रही कि भारत के दो खिलाड़ियों ने लॉर्ड्स के ऐतिहासिक ऑनर बोर्ड में अपना नाम दर्ज कराया। पहली पारी में तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ ने पांच विकेट लेकर यह उपलब्धि हासिल की थी। वहीं दूसरी पारी में यास्तिका भाटिया ने शानदार शतक लगाकर इस सम्मानित सूची में अपना नाम शामिल कर लिया।
एक ही टेस्ट मैच में बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में भारतीय खिलाड़ियों का ऑनर बोर्ड तक पहुंचना भारतीय महिला क्रिकेट के लिए बेहद गर्व की बात है।
हरमनप्रीत कौर की कप्तानी रही शानदार
भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर ने पूरे मैच के दौरान शानदार रणनीति अपनाई। उन्होंने गेंदबाजों का सही समय पर उपयोग किया और बल्लेबाजों को खुलकर खेलने की आजादी दी।
मैदान पर उनकी कप्तानी का असर साफ दिखाई दिया। टीम ने हर विभाग में अनुशासित प्रदर्शन किया और इंग्लैंड को कभी भी मुकाबले में वापसी का मौका नहीं दिया।
पुरुष टीम की निराशा के बीच मिली बड़ी राहत
इंग्लैंड दौरे पर भारतीय पुरुष टीम लगातार खराब प्रदर्शन को लेकर आलोचनाओं का सामना कर रही है। ऐसे समय में महिला टीम की यह ऐतिहासिक जीत भारतीय क्रिकेट के लिए राहत लेकर आई है।
ऐसे में इस जीत ने साबित कर दिया कि भारतीय महिला क्रिकेट टीम अब दुनिया की किसी भी मजबूत टीम को उसके घर में हराने का दम रखती है। पिछले कुछ वर्षों में महिला क्रिकेट में भारत का प्रदर्शन लगातार बेहतर हुआ है और यह जीत उसी मेहनत का नतीजा मानी जा रही है।
महिला क्रिकेट के लिए बड़ी उपलब्धि
लॉर्ड्स जैसे ऐतिहासिक मैदान पर टेस्ट जीत दर्ज करना किसी भी टीम के लिए बेहद खास माना जाता है। भारतीय महिला टीम की यह सफलता आने वाली युवा खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणा बनेगी।
यास्तिका भाटिया का शतक, क्रांति गौड़ की घातक गेंदबाजी और पूरी टीम का शानदार प्रदर्शन यह दिखाता है कि भारतीय महिला क्रिकेट अब नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है। अगर टीम इसी तरह प्रदर्शन करती रही तो आने वाले समय में वह विश्व क्रिकेट में और भी बड़े रिकॉर्ड अपने नाम कर सकती है।



