Jahangir Khan Arrested : पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। राज्य की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के चर्चित नेता जहांगीर खान को नेपाल सीमा के पास से गिरफ्तार कर लिया है। फाल्टा विधानसभा सीट पर चुनावी हिंसा के आरोपों के बाद से वह लंबे समय से फरार चल रहे थे। उनकी गिरफ्तारी को पश्चिम बंगाल में हालिया चुनावी हिंसा मामलों में सबसे बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है।
जहांगीर खान का नाम विधानसभा चुनाव के दौरान उस समय सुर्खियों में आया था जब फाल्टा क्षेत्र में हिंसा, बूथों पर तनाव और चुनावी गड़बड़ियों के आरोप सामने आए थे। चुनाव आयोग को मिली शिकायतों के बाद इस सीट पर मतदान तक रद्द करना पड़ा था। अब उनकी गिरफ्तारी के बाद पूरे मामले की जांच एक बार फिर चर्चा में आ गई है।
नेपाल बॉर्डर के पास STF का ऑपरेशन
सूत्रों के अनुसार STF को लंबे समय से जहांगीर खान की तलाश थी। जांच एजेंसियों को सूचना मिली थी कि वह राज्य से बाहर निकलने की कोशिश कर रहा है। इसके बाद विशेष अभियान चलाया गया और नेपाल सीमा के पास उसे गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के बाद उसे पूछताछ के लिए पश्चिम बंगाल लाया गया है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ के दौरान चुनावी हिंसा और उससे जुड़े कई अहम मामलों का खुलासा हो सकता है।
कौन हैं जहांगीर खान?
जहांगीर खान दक्षिण 24 परगना जिले के फाल्टा क्षेत्र में तृणमूल कांग्रेस के प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते रहे हैं। स्थानीय राजनीति में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है। हालांकि हाल के विधानसभा चुनाव के दौरान उनका नाम कई विवादों में सामने आया। वह फाल्टा विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रहे थे और चुनाव प्रचार के दौरान लगातार चर्चा में बने हुए थे।
चुनावी हिंसा के बाद बढ़ा विवाद
फाल्टा विधानसभा क्षेत्र में मतदान के दौरान कई जगहों पर हिंसा और गड़बड़ी की शिकायतें सामने आई थीं। विपक्षी दलों ने आरोप लगाया था कि मतदान प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश की गई। स्थिति इतनी गंभीर हो गई थी कि चुनाव आयोग को हस्तक्षेप करना पड़ा। बाद में आयोग ने मतदान रद्द कर दोबारा चुनाव कराने का फैसला लिया। इस पूरे घटनाक्रम के बाद जहांगीर खान का नाम लगातार जांच एजेंसियों के रडार पर बना रहा।
EVM से छेड़छाड़ के आरोप
जहांगीर खान पर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) से छेड़छाड़ करने के आरोप भी लगाए गए थे। हालांकि इन आरोपों को लेकर अंतिम जांच रिपोर्ट का इंतजार है, लेकिन चुनावी माहौल में यह मामला काफी चर्चा में रहा। विपक्षी दलों ने इस मुद्दे को लेकर चुनाव आयोग से शिकायत भी की थी। इसके बाद पूरे मामले की जांच शुरू की गई।
‘पुष्पा झुकेगा नहीं’ बयान से बने थे चर्चा का केंद्र
चुनाव के दौरान जहांगीर खान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था। इस वीडियो में वह फिल्म ‘पुष्पा’ के लोकप्रिय डायलॉग की तर्ज पर कहते दिखाई दिए थे कि “पुष्पा झुकेगा नहीं”। यह बयान उन्होंने चुनावी निगरानी कर रहे वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी अजयपाल शर्मा की सख्ती के संदर्भ में दिया था। इसके बाद उन्हें सोशल मीडिया पर “फाल्टा का पुष्पा” कहा जाने लगा। उनका यह बयान लंबे समय तक राजनीतिक बहस का हिस्सा बना रहा।
IPS अजयपाल शर्मा के साथ विवाद
चुनाव के दौरान फाल्टा क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी अजयपाल शर्मा को दी गई थी। उनकी सख्ती के बाद कई संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए। इसी दौरान जहांगीर खान और प्रशासन के बीच विवाद की खबरें सामने आईं। जहांगीर ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि अगर अजयपाल शर्मा “सिंघम” हैं तो वह “पुष्पा” हैं। यह बयान बाद में काफी चर्चित हुआ और राजनीतिक विवाद का कारण बना।
मतदान से पहले वापस लिया नामांकन
फाल्टा सीट पर दोबारा चुनाव कराए जाने से पहले एक और बड़ा घटनाक्रम हुआ। मतदान से ठीक पहले जहांगीर खान ने चुनाव से अपना नाम वापस ले लिया। हालांकि उन्होंने सार्वजनिक रूप से यह स्पष्ट नहीं किया कि यह फैसला किस वजह से लिया गया। राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। तृणमूल कांग्रेस ने भी साफ किया कि यह उनका व्यक्तिगत फैसला था और पार्टी की ओर से ऐसा कोई निर्देश नहीं दिया गया था।
अभिषेक बनर्जी के करीबी माने जाते हैं
राजनीतिक हलकों में जहांगीर खान को तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी का करीबी माना जाता रहा है। हालांकि पार्टी की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की गई है। लेकिन उनकी गिरफ्तारी के बाद विपक्ष ने एक बार फिर तृणमूल नेतृत्व पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं।
फाल्टा में बीजेपी की जीत
फाल्टा विधानसभा सीट पर दोबारा हुए मतदान में भारतीय जनता पार्टी ने जीत दर्ज की थी। जहांगीर खान चुनावी मुकाबले में चौथे स्थान पर रहे थे। इस हार के बाद तृणमूल कांग्रेस के भीतर भी असंतोष की खबरें सामने आई थीं। कुछ नेताओं ने संगठन की रणनीति और स्थानीय नेतृत्व को लेकर सवाल उठाए थे।
पूछताछ में हो सकते हैं बड़े खुलासे
STF अधिकारियों का कहना है कि जहांगीर खान से विस्तृत पूछताछ की जाएगी। जांच एजेंसियां यह जानने की कोशिश कर रही हैं कि चुनावी हिंसा और अन्य घटनाओं में उनकी क्या भूमिका थी। इसके अलावा उनके कथित नेटवर्क और सहयोगियों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है। सूत्रों का मानना है कि पूछताछ के बाद कई नए नाम और तथ्य सामने आ सकते हैं।
बंगाल की राजनीति में बढ़ी हलचल
जहांगीर खान की गिरफ्तारी के बाद दक्षिण 24 परगना सहित पूरे पश्चिम बंगाल के राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। विपक्ष इसे कानून-व्यवस्था और चुनावी हिंसा से जोड़कर देख रहा है, जबकि तृणमूल कांग्रेस का कहना है कि कानून अपना काम कर रहा है और जांच पूरी होने का इंतजार किया जाना चाहिए। फिलहाल सभी की निगाहें STF की जांच और अदालत में आगे होने वाली कानूनी प्रक्रिया पर टिकी हैं। नेपाल बॉर्डर से हुई यह गिरफ्तारी फाल्टा हिंसा मामले की जांच में एक बड़ा मोड़ मानी जा रही है और आने वाले दिनों में इस मामले में कई और महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।
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