Jaipur Nagar Nigam Election: जयपुर नगर निगम चुनाव (Jaipur Nagar Nigam Election 2026) को लेकर बीजेपी और कांग्रेस ने अपनी-अपनी रणनीति साफ कर दी है। भारतीय जनता पार्टी ने 150 वार्डों में उम्मीदवार उतारते हुए महिलाओं और अलग-अलग सामाजिक वर्गों को खास जगह दी है। पार्टी ने 51 महिलाओं के साथ 8 मुस्लिम उम्मीदवारों (Muslim Candidates) को भी टिकट दिया है। वहीं कांग्रेस ने संगठन से जुड़े नेताओं और मौजूदा पार्षदों पर भरोसा जताया है। ऐसे में जयपुर में दोनों दलों के बीच मुकाबला काफी दिलचस्प होने वाला है। ऐसे में आइए जानते हैं यहां खबर को लेकर पूरी जानकारी
बीजेपी ने 150 वार्डों में उतारे उम्मीदवार
जयपुर नगर निगम के कुल 150 वार्डों के लिए बीजेपी में कई दिनों तक उम्मीदवारों के नाम पर मंथन हुआ। पार्टी के सामने बड़ी संख्या में दावेदारों में से मजबूत प्रत्याशियों का चयन करने की चुनौती थी। बताया गया कि टिकट के लिए 2500 से ज्यादा नामों पर चर्चा हुई।
बीजेपी की लास्ट लिस्ट में स्थानीय पकड़, संगठन में सक्रियता, सामाजिक समीकरण और जीतने की क्षमता जैसे पहलुओं को महत्व दिया गया है। पार्टी की कोशिश अलग-अलग वार्डों में स्थानीय समीकरणों को साधने की दिखाई दे रही है।
महिलाओं को 35 फीसदी टिकट
बीजेपी ने जयपुर नगर निगम चुनाव में महिलाओं (BJP Women Candidates 2026) को भी बड़ी संख्या में टिकट दिया है। पार्टी ने 150 वार्डों में से 51 सीटों पर महिला उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है। यह कुल टिकटों का करीब 35 फीसदी है।
पार्टी की सूची में महिला मोर्चा से जुड़ी कार्यकर्ताओं के अलावा लंबे समय से संगठन में सक्रिय महिला नेताओं को भी मौका मिला है। वार्ड 47 से दीपा नाथावत, वार्ड 56 से रेखा सैनी, वार्ड 107 से अनुराधा माहेश्वरी और वार्ड 123 से पूनम मेहता जैसे नाम शामिल हैं।
ज्योति खंडेलवाल को बीजेपी ने दिया टिकट
बीजेपी की लिस्ट में सबसे ज्यादा चर्चा पूर्व महापौर ज्योति खंडेलवाल के नाम की हो रही है। पार्टी ने उन्हें वार्ड 110 से उम्मीदवार बनाया है। ज्योति खंडेलवाल पहले कांग्रेस में सक्रिय रही हैं और जयपुर नगर निगम की महापौर भी रह चुकी हैं।
अब बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ने के कारण वार्ड 110 का मुकाबला खास माना जा रहा है। उनके राजनीतिक अनुभव और स्थानीय पहचान को बीजेपी के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

8 मुस्लिम उम्मीदवारों पर बीजेपी का भरोसा
जयपुर नगर निगम चुनाव (Jaipur Nagar Nigam Election 2026) में बीजेपी ने मुस्लिम बहुल और कांग्रेस के प्रभाव वाले क्षेत्रों में भी अपने उम्मीदवार उतारकर सामाजिक समीकरण साधने की कोशिश की है। पार्टी ने 8 मुस्लिम नेताओं को टिकट दिया है।
बीजेपी की सूची के अनुसार वार्ड 19 से शहनवाज अंसारी, वार्ड 109 से जाकिर खान कायमखानी, वार्ड 113 से फरीदुद्दीन ‘जैकी’, वार्ड 117 से शब्बो जहां, वार्ड 128 से माजिद पठान, वार्ड 136 से मिजाना मिर्जा, वार्ड 137 से रहीस मंसूरी और वार्ड 146 से अफसाना को प्रत्याशी बनाया गया है। इनमें वार्ड 19 का टिकट खास चर्चा में है। सामान्य सीट होने के बावजूद बीजेपी ने यहां मुस्लिम उम्मीदवार को मैदान में उतारा है। इसे पार्टी की वार्ड स्तर पर सामाजिक समीकरण बनाने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।
कांग्रेस ने संगठन के नेताओं पर जताया भरोसा
वहीं, कांग्रेस ने टिकट वितरण में अपने संगठन को प्राथमिकता दी है। पार्टी ने कई ऐसे नेताओं को चुनाव मैदान में उतारा है जो संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल रहे हैं।
कांग्रेस ने 4 ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्षों, 2 पीसीसी प्रकोष्ठ प्रमुखों और एक पीसीसी सचिव को भी टिकट दिया है। इसके अलावा कई मौजूदा पार्षदों को दोबारा चुनाव लड़ने का मौका दिया गया है।
पार्टी की रणनीति अपने पुराने संगठनात्मक नेटवर्क और स्थानीय नेताओं की पकड़ के सहारे बीजेपी को चुनौती देने की है। मौजूदा पार्षदों को टिकट देकर कांग्रेस ने उनके स्थानीय जनाधार और वार्ड में सक्रियता पर भरोसा जताया है।
टिकट कटने के बाद बागियों की चुनौती
उम्मीदवारों की घोषणा के बाद अब दोनों दलों के सामने सबसे बड़ी चुनौती बागियों को संभालने की है। बड़ी संख्या में दावेदार होने के कारण टिकट नहीं मिलने वाले नेताओं में नाराजगी पैदा हो सकती है।
ऐसे में अगर कुछ दावेदार निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव मैदान में उतरते हैं तो कई वार्डों में मुकाबला त्रिकोणीय या बहुकोणीय हो सकता है। ऐसे में पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवारों के लिए अपने ही पुराने नेताओं और कार्यकर्ताओं को साथ रखना बड़ी चुनौती होगी।
जयपुर में किसका चलेगा दांव?
जयपुर नगर निगम चुनाव में बीजेपी और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला दिखाई दे रहा है। बीजेपी ने जहां महिला प्रतिनिधित्व, मुस्लिम उम्मीदवारों और सामाजिक समीकरण के जरिए अलग रणनीति अपनाई है, वहीं कांग्रेस ने संगठन के अनुभवी नेताओं और मौजूदा पार्षदों को आगे किया है।
अब चुनावी तस्वीर इस बात पर निर्भर करेगी कि उम्मीदवार अपने-अपने वार्ड में कितना जनसमर्थन जुटा पाते हैं। साथ ही बागी उम्मीदवार और स्थानीय मुद्दे भी चुनाव परिणाम को प्रभावित कर सकते हैं। ऐसे में जयपुर नगर निगम चुनाव 2026 में हर वार्ड का मुकाबला काफी अहम रहने वाला है।



