Neet Protest: देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। ऐसे में पेपर लीक और परीक्षा रद्द होने के बाद अब छात्रों और छात्र संगठनों का गुस्सा खुलकर सामने आने लगा है। बतया जा रहा है की राजधानी दिल्ली में कांग्रेस के छात्र संगठन NSUI ने शास्त्री भवन के बाहर जोरदार प्रदर्शन करते हुए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। प्रदर्शनकारियों ने NTA को बैन करने और परीक्षा प्रणाली में बड़े सुधार की मांग की है।
शास्त्री भवन के बाहर छात्रों का उग्र प्रदर्शन
दिल्ली के शास्त्री भवन के बाहर बड़ी संख्या में NSUI कार्यकर्ता और छात्र जमा हुए हैं। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर केंद्र सरकार और NTA के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की है। जिसमें प्रदर्शनकारियों का कहना था कि बार-बार होने वाले पेपर लीक ने छात्रों का भरोसा पूरी तरह तोड़ दिया है। छात्रों के हाथों में मौजूद पोस्टरों पर “डॉक्टर की डिग्री बिकाऊ है”, “छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बंद करो” और “NTA को बैन करो” जैसे नारे लिखे हुए थे। साथ ही, प्रदर्शनकारी लगातार मांग कर रहे थे कि परीक्षा कराने वाली एजेंसी की जवाबदेही तय की जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।
NEET-UG 2026 परीक्षा क्यों हुई रद्द?
बता दें की 3 मई 2026 को देशभर और विदेशों में 5,400 से ज्यादा परीक्षा केंद्रों पर NEET-UG परीक्षा आयोजित की गई थी। परीक्षा में करीब 22 लाख से अधिक छात्रों ने हिस्सा लिया। लेकिन परीक्षा खत्म होने के कुछ ही घंटों बाद राजस्थान के सीकर समेत कई इलाकों से पेपर लीक की खबरें सामने आने लगीं।
ऐसे में जांच के दौरान सामने आया है कि कुछ कथित “गेस पेपर” के सवाल असली परीक्षा से हूबहू मेल खा रहे थे। इसके बाद मामला तेजी से बढ़ा और सरकार पर परीक्षा रद्द करने का दबाव बढ़ गया। आखिरकार बढ़ते विवाद और छात्रों के विरोध को देखते हुए परीक्षा को रद्द करने का फैसला लिया गया। अब इस पूरे मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंप दी गई है। कई संदिग्धों की गिरफ्तारी भी हुई है, लेकिन छात्रों का कहना है कि केवल गिरफ्तारी से समस्या का समाधान नहीं होगा।
छात्रों का आरोप- NTA पूरी तरह फेल
प्रदर्शन कर रहे छात्रों का आरोप है कि NTA परीक्षा की गोपनीयता बनाए रखने में लगातार विफल रही है। उनका कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में कई बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी और पेपर लीक के मामले सामने आए हैं, जिससे छात्रों का भविष्य खतरे में पड़ गया है। NSUI नेताओं ने कहा कि लाखों छात्र दिन-रात मेहनत करके परीक्षा की तैयारी करते हैं, लेकिन पेपर लीक माफिया और प्रशासनिक लापरवाही उनकी मेहनत पर पानी फेर देती है। छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की भारी कमी है।
दोबारा परीक्षा से बढ़ी छात्रों की परेशानी
बतया जा रहा है की परीक्षा रद्द होने के बाद अब दोबारा परीक्षा कराने की चर्चा हो रही है। इससे छात्रों में मानसिक तनाव और बढ़ गया है। कई छात्रों का कहना है कि उन्होंने एक साल तक कठिन मेहनत की थी और अब फिर से परीक्षा की तैयारी करना बेहद मुश्किल हो रहा है। कुछ छात्रों ने कहा कि परीक्षा केंद्र तक पहुंचने, रहने और कोचिंग पर पहले ही लाखों रुपये खर्च हो चुके हैं। अब दोबारा परीक्षा होने पर आर्थिक बोझ और बढ़ जाएगा। खासतौर पर ग्रामीण और गरीब परिवारों के छात्रों के लिए यह स्थिति काफी परेशान करने वाली है।

अभिभावकों में भी नाराजगी
ऐसे में सिर्फ छात्र ही नहीं बल्कि अभिभावकों में भी भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। जिसमें कई माता-पिता का कहना है कि सरकार और परीक्षा एजेंसियां छात्रों के भविष्य को लेकर गंभीर नहीं हैं। साथ ही, उनका कहना है कि हर साल किसी न किसी परीक्षा में गड़बड़ी की खबर सामने आती है लेकिन स्थायी समाधान नहीं निकाला जाता। अभिभावकों ने मांग की कि परीक्षा प्रणाली को तकनीकी रूप से और मजबूत बनाया जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
विपक्ष ने भी सरकार को घेरा
NEET पेपर लीक विवाद अब राजनीतिक मुद्दा भी बन गया है। विपक्षी दल लगातार केंद्र सरकार को निशाने पर ले रहे हैं। कांग्रेस समेत कई विपक्षी नेताओं ने कहा कि सरकार युवाओं के भविष्य की सुरक्षा करने में विफल रही है।
NSUI नेताओं ने प्रदर्शन के दौरान कहा कि अगर छात्रों को न्याय नहीं मिला तो आंदोलन को और बड़ा किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि देशभर में विरोध प्रदर्शन तेज किए जाएंगे।
क्या हो सकती है आगे की कार्रवाई?
ऐसे में फिलहाल CBI इस पूरे मामले की जांच कर रही है। जांच एजेंसियां पेपर लीक नेटवर्क, कोचिंग संस्थानों और संदिग्ध दलालों की भूमिका की जांच कर रही हैं। सरकार भी परीक्षा प्रणाली में सुधार को लेकर विचार कर रही है। संभावना है कि आने वाले दिनों में दोबारा परीक्षा की तारीख घोषित की जा सकती है। हालांकि छात्र संगठन चाहते हैं कि पहले पूरी जांच हो और दोषियों को सख्त सजा दी जाए।
शिक्षा व्यवस्था पर उठे बड़े सवाल
NEET-UG 2026 विवाद ने देश की परीक्षा व्यवस्था और शिक्षा प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिसमें एक्सपर्ट्स का कहना है कि यदि समय रहते परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित और पारदर्शी नहीं बनाया गया तो छात्रों का भरोसा पूरी तरह से खत्म हो सकता है। ऐसे में बार-बार पेपर लीक की घटनाएं यह दिखाती हैं कि परीक्षा प्रक्रिया में कहीं न कहीं बड़ी खामियां मौजूद हैं। अब देखना होगा कि सरकार और जांच एजेंसियां इस मामले में कितनी तेजी और सख्ती से कार्रवाई करती हैं।
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