PM Modi-Pezeshkian Meeting: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज सोमवार को किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में SCO शिखर सम्मेलन के दौरान ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन से मुलाकात की। जिसके बाद दोनों नेताओं के बीच भारत-ईरान संबंधों और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव को लेकर अहम बातचीत हुई। बता दें यह बैठक ऐसे समय में हुई है, जब क्षेत्र में तनाव का असर सुरक्षा और व्यापार पर भी पड़ रहा है। पीएम मोदी ने बातचीत के जरिए शांति और स्थिरता कायम करने पर जोर दिया। साथ ही दोनों देशों के बीच व्यापार और सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। ऐसे में आइए यहां पढ़ें पूरी खबर
SCO समिट के दौरान हुई मोदी-पेजेशकियन की मुलाकात
प्रधानमंत्री मोदी और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन की यह बैठक शंघाई सहयोग संगठन (SCO Summit 2026) से इतर हुई। जिसमें दोनों नेताओं ने भारत और ईरान (India Iran Relations) के बीच लंबे समय से चले आ रहे संबंधों को और मजबूत करने पर बात की। पीएम मोदी ने मुलाकात के बाद कहा कि भारत ईरान के साथ अपनी पुरानी दोस्ती को अलग-अलग क्षेत्रों में मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। साथ ही दोनों देशों के बीच व्यापार को और बढ़ाने तथा उसमें विविधता लाने पर भी जोर दिया गया।
बता दें यह मुलाकात इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और तनाव के बीच दोनों नेताओं की यह पहली आमने-सामने बैठक है। हालांकि, दोनों के बीच पहले फोन पर बातचीत हो चुकी है।
पश्चिम एशिया के हालात पर हुई चर्चा
बैठक में भारत और ईरान के द्विपक्षीय रिश्तों के अलावा पश्चिम एशिया में तेजी से बदलती स्थिति पर भी चर्चा हुई। भारत ने एक बार फिर साफ किया कि क्षेत्र में किसी भी विवाद का समाधान बातचीत और कूटनीति के जरिए किया जाना चाहिए।
पीएम मोदी ने क्षेत्र में बढ़ते तनाव पर चिंता जताई और स्थायी शांति एवं स्थिरता के लिए लगातार प्रयास करने की जरूरत बताई। भारत ने यह भी स्पष्ट किया कि वह पश्चिम एशिया में शांति स्थापित करने की कोशिशों का समर्थन करता रहेगा।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर भारत का फोकस
बैठक के दौरान समुद्री मार्गों की सुरक्षा का मुद्दा भी अहम रहा। प्रधानमंत्री मोदी ने नेविगेशन और व्यापार की स्वतंत्रता बनाए रखने की जरूरत पर जोर दिया। भारत के लिए यह मुद्दा इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि पश्चिम एशिया से जुड़े समुद्री मार्ग ऊर्जा और अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिहाज से बेहद अहम हैं।
पीएम मोदी ने कहा कि आम नागरिकों, नागरिक बुनियादी ढांचे, वाणिज्यिक जहाजों और समुद्री कर्मचारियों को किसी भी परिस्थिति में निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए।
Dr. Masoud Pezeshkian, President of the Islamic Republic of Iran, met and held talks with Shri Narendra Modi, Prime Minister of India, during the first leg of his visit to Kyrgyzstan to attend and address the Shanghai Cooperation Organisation (SCO) Summit and the Shanghai Plus… pic.twitter.com/I46TvGG7dP
— Iran in India (@Iran_in_India) August 31, 2026
भारत-ईरान व्यापार बढ़ाने पर जोर
पीएम मोदी ने मुलाकात के बाद सोशल मीडिया पर कहा कि भारत और ईरान के बीच लंबे समय से चली आ रही दोस्ती को मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई गई है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में दोनों देश अपने व्यापारिक संबंधों को विस्तार देने और व्यापार के दायरे को और विविध बनाने पर काम करेंगे।
भारत और ईरान के संबंध रणनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण हैं। दोनों देशों के बीच व्यापार, ऊर्जा, कनेक्टिविटी और क्षेत्रीय सहयोग से जुड़े कई मुद्दे हैं। ऐसे में मौजूदा क्षेत्रीय तनाव के बीच दोनों नेताओं की बातचीत को भारत की संतुलित कूटनीति के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
BRICS और SCO में भी साथ काम करने की बात
भारत ने ईरान के साथ बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग जारी रखने की प्रतिबद्धता भी दोहराई है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत BRICS और SCO जैसे संगठनों में ईरान के साथ करीबी सहयोग जारी रखने के लिए तैयार है।
पीएम मोदी ने ईरानी राष्ट्रपति को आगामी BRICS शिखर सम्मेलन के लिए भारत आने का निमंत्रण भी दिया। इससे संकेत मिलता है कि भारत आने वाले समय में ईरान के साथ बहुपक्षीय और द्विपक्षीय दोनों स्तरों पर संपर्क मजबूत करना चाहता है।
पेजेशकियन के लिए क्यों अहम है SCO दौरा?
ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ऐसे समय SCO शिखर सम्मेलन में पहुंचे हैं, जब तेहरान और पश्चिमी देशों के बीच तनाव का माहौल बना हुआ है। ईरान लगातार बातचीत के जरिए तनाव कम करने की बात करता रहा है, लेकिन साथ ही किसी भी हमले की स्थिति में जवाब देने की चेतावनी भी देता रहा है।
SCO जैसे मंच पर ईरान के लिए क्षेत्रीय देशों के साथ संवाद बढ़ाना काफी महत्वपूर्ण है। भारत के साथ बैठक इसी व्यापक कूटनीतिक प्रयास का हिस्सा मानी जा रही है।
पीएम मोदी की आर्मेनिया के पीएम से भी मुलाकात
SCO शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने आर्मेनिया के प्रधानमंत्री निकोल पशिंयान से भी द्विपक्षीय मुलाकात की। दोनों नेताओं ने रक्षा, व्यापार, फार्मास्युटिकल्स, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, संस्कृति और शिक्षा समेत कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की। दोनों ने पश्चिम एशिया समेत विभिन्न क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर भी विचार साझा किए। इसके अलावा प्रधानमंत्री मोदी की रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन समेत अन्य नेताओं के साथ भी अहम मुलाकातें प्रस्तावित हैं। बिश्केक में आयोजित SCO शिखर सम्मेलन भारत के लिए मध्य एशिया, रूस, ईरान और अन्य सदस्य देशों के साथ संबंध मजबूत करने का महत्वपूर्ण मंच है।
A wonderful meeting with Prime Minister of Armenia, Mr. Nikol Pashinyan on the sidelines of the SCO Summit in Bishkek.
India-Armenia cooperation is all set to grow in defence, IT, space, education, pharmaceuticals and more.
We are equally certain to deepen trade and… pic.twitter.com/y2W7ToY5GB
— Narendra Modi (@narendramodi) August 31, 2026
भारत की कूटनीति का साफ संदेश
पीएम मोदी और पेजेशकियन की मुलाकात से भारत ने पश्चिम एशिया संकट पर अपना रुख एक बार फिर स्पष्ट किया है। भारत जहां ईरान के साथ अपने पुराने संबंधों को मजबूत करना चाहता है, वहीं क्षेत्र में शांति, सुरक्षित समुद्री मार्ग और बातचीत के जरिए विवाद सुलझाने पर भी जोर दे रहा है। कुल मिलाकर, PM Modi-Pezeshkian Meeting केवल एक सामान्य द्विपक्षीय मुलाकात नहीं है। पश्चिम एशिया में तनाव, समुद्री व्यापार की सुरक्षा और बदलते वैश्विक समीकरणों के बीच यह बैठक भारत की संतुलित विदेश नीति और ईरान के साथ रणनीतिक रिश्तों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
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