Raghu Rai: भारतीय फोटोग्राफी और फोटो जर्नलिज्म की दुनिया से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है. देश के महान फोटोग्राफर Raghu Rai अब हमारे बीच नहीं रहे. 83 साल की उम्र में उन्होंने रविवार को एक निजी अस्पताल में अंतिम सांस ली. उनके निधन के साथ ही भारतीय फोटोग्राफी का एक स्वर्णिम अध्याय समाप्त हो गया है. उनके बेटे नितिन राय ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया कि रघु राय लंबे समय से कैंसर और उम्र से जुड़ी बीमारियों से जूझ रहे थे. उनके जाने से न केवल उनका परिवार, बल्कि पूरी कला और मीडिया जगत शोक में डूब गया है.
कैंसर से लंबी लड़ाई के बाद हुआ निधन
Raghu Rai ने जीवन के अंतिम वर्षों में कई स्वास्थ्य चुनौतियों का सामना किया. जानकारी के अनुसार, उन्हें करीब दो साल पहले प्रोस्टेट कैंसर हुआ था, जिसे उन्होंने साहस के साथ हराया था. लेकिन इसके बाद बीमारी ने फिर से उन्हें घेर लिया और कैंसर शरीर के अन्य हिस्सों में फैलता चला गया. हाल ही में यह उनके दिमाग तक पहुंच गया था। उम्र के इस पड़ाव पर उनका शरीर इस बीमारी से लड़ नहीं पाया और अंततः उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया.
दिल्ली में होगा अंतिम संस्कार
रघु राय के परिवार ने सोशल मीडिया के जरिए जानकारी दी कि उनका अंतिम संस्कार 26 अप्रैल 2026 को दिल्ली के लोधी रोड श्मशान घाट पर शाम 4 बजे किया जाएगा. उनके परिवार में उनकी पत्नी गुरमीत, बेटा नितिन और तीन बेटियां लगन, अवनी और पुरवई शामिल हैं.
एक सफर जो 1965 में शुरू हुआ
Raghu Rai का फोटोग्राफी सफर 1965 में शुरू हुआ था, जब वे महज 23 साल के थे. साल 1966 में वे ‘द स्टेट्समैन’ अखबार से जुड़े और वहां चीफ फोटोग्राफर के रूप में करीब एक दशक तक काम किया. इसी दौरान उनकी पहचान एक संवेदनशील और गहराई से सोचने वाले फोटोग्राफर के रूप में बनी.
मैग्नम फोटोज तक का सफर
दुनिया के महान फोटोग्राफर Henri Cartier-Bresson ने रघु राय के काम को सराहा और उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाई. ब्रेसन ने ही उन्हें प्रतिष्ठित संस्था Magnum Photos के लिए नॉमिनेट किया. यह किसी भी भारतीय फोटोग्राफर के लिए बहुत बड़ा सम्मान माना जाता है.
इंडिया टुडे से जुड़कर बनाई नई पहचान
साल 1982 में रघु राय ‘इंडिया टुडे’ मैगजीन से जुड़े, जहां उन्होंने पिक्चर एडिटर और फोटोग्राफर के रूप में काम किया. इस दौरान उन्होंने कई ऐसी तस्वीरें खींचीं, जो आज भी पत्रकारिता और कला के क्षेत्र में मिसाल मानी जाती हैं.

भोपाल गैस त्रासदी की तस्वीरें बनी पहचान
रघु राय की सबसे चर्चित तस्वीरों में Bhopal Gas Tragedy से जुड़ी तस्वीरें शामिल हैं. उनकी खींची गई एक तस्वीर, जिसमें एक मासूम बच्चे का चेहरा दिखाई देता है, आज भी दुनिया को उस दर्दनाक हादसे की याद दिलाती है.
महान हस्तियों को कैमरे में किया कैद
Raghu Rai ने अपने कैमरे से कई महान हस्तियों को अमर बना दिया. उन्होंने Indira Gandhi, Mother Teresa, Dalai Lama, Satyajit Ray और Bal Thackeray जैसी हस्तियों के यादगार चित्र खींचे.
भारत के हर रंग को दिखाया दुनिया को
रघु राय की फोटोग्राफी सिर्फ बड़े चेहरों तक सीमित नहीं थी. उन्होंने भारत की गलियों, गांवों, त्योहारों और आम लोगों के जीवन को भी बेहद खूबसूरती से कैमरे में उतारा. उनकी तस्वीरों में भारत की विविधता, संस्कृति और संवेदनाएं साफ झलकती हैं.
अंतरराष्ट्रीय पहचान और उपलब्धियां
Raghu Rai ने अपने करियर में 18 से अधिक किताबें प्रकाशित कीं और ‘टाइम’, ‘लाइफ’ और ‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’ जैसे प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय प्रकाशनों के साथ काम किया. उनकी प्रदर्शनियां दुनिया के कई बड़े शहरों में आयोजित की गईं, जहां उनके काम को खूब सराहा गया.
एक कलाकार जो कहानी कहता था
रघु राय सिर्फ एक फोटोग्राफर नहीं थे, बल्कि एक कहानीकार थे. उनकी हर तस्वीर एक कहानी कहती थी, कभी दर्द की, कभी खुशी की, तो कभी संघर्ष की.
उनकी शैली बेहद अलग थी. वे आम पलों में भी असाधारण कहानी ढूंढ लेते थे.ब्लैक एंड व्हाइट फोटोग्राफी में उनकी पकड़ इतनी मजबूत थी कि हर फ्रेम में भावनाएं साफ दिखाई देती थीं. Raghu Rai ने न केवल खुद एक मुकाम हासिल किया, बल्कि नई पीढ़ी के फोटोग्राफर्स को भी प्रेरित किया. उनका काम आज भी फोटोग्राफी सीखने वालों के लिए एक पाठशाला की तरह है.
रघु राय का जाना भारतीय कला और पत्रकारिता के लिए एक बड़ी क्षति है. लेकिन उनकी तस्वीरें, उनकी कहानियां और उनका नजरिया हमेशा हमारे बीच जिंदा रहेगा. Raghu Rai ने अपने कैमरे के जरिए जो दुनिया हमें दिखाई, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए एक अमूल्य धरोहर है. उनकी विरासत हमें यह सिखाती है कि एक तस्वीर सिर्फ एक तस्वीर नहीं होती, बल्कि वह इतिहास, भावना और सच्चाई का आईना होती है.
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