Sougata Roy Protest: पश्चिम बंगाल की राजनीति में आज गुरुवार को उस समय नया विवाद खड़ा हो गया, जब तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ सांसद सौगत रॉय को उत्तरी 24 परगना जिले में विरोध का सामना करना पड़ा। बताया जा रहा है की प्रदर्शनकारियों ने उन्हें “चोर-चोर” कहकर पुकारा और उनकी कार पर अंडे फेंके। यह घटना निमता पुलिस थाने के बाहर हुई, जहां सांसद एक ज्ञापन सौंपने पहुंचे थे। इस पूरे घटनाक्रम के बाद बंगाल की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। ऐसे में आइए जानते हैं यहां पूरा मामला
पुलिस थाने के बाहर हुआ हंगामा
जानकारी के मुताबिक, 78 वर्षीय सांसद सौगत रॉय निमता और उत्तरी दमदम इलाके में TMC पार्षदों पर कथित हमलों के विरोध में निमता पुलिस थाने पहुंचे थे। वहीं, उन्होंने पुलिस अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा और कार्रवाई की मांग की है। लेकिन जैसे ही सांसद पुलिस स्टेशन से बाहर निकले, वहां पहले से मौजूद लोगों की भीड़ ने उनकी गाड़ी को घेर लिया। जिसके बाद प्रदर्शनकारियों ने जोर-जोर से “चोर-चोर” के नारे लगाने शुरू कर दिए। जिसमें कुछ लोगों ने उनकी कार पर अंडे भी फेंके, जिससे वहां कुछ देर के लिए तनावपूर्ण स्थिति बन गई। हालात बिगड़ते देख पुलिसकर्मियों ने तुरंत मोर्चा संभाला और भीड़ को पीछे हटाने की कोशिश की। पुलिस ने किसी तरह सांसद की गाड़ी को वहां से सुरक्षित निकाला।
सौगत रॉय ने BJP पर लगाया आरोप
बताया जा रहा है की घटना के बाद सौगत रॉय ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। जिसमें उन्होंने कहा कि यह विरोध स्वतःस्फूर्त नहीं था बल्कि पूरी तरह राजनीति से प्रेरित था। सांसद ने मीडिया से बातचीत में कहा, “जब मैं पुलिस स्टेशन से बाहर आ रहा था, तब भाजपा समर्थक वहां जमा हो गए और उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया। मेरी गाड़ी पर अंडे फेंके गए और नारेबाजी की गई। इस तरह की राजनीति दुर्भाग्यपूर्ण है।” उन्होंने कहा कि विपक्ष बंगाल में राजनीतिक माहौल खराब करने की कोशिश कर रहा है और लोकतांत्रिक मूल्यों को नुकसान पहुंचा रहा है।
BJP ने आरोपों को किया खारिज
भाजपा ने इस घटना में अपनी किसी भी तरह की भूमिका से साफ इनकार किया है। भाजपा नेताओं का कहना है कि स्थानीय लोग खुद TMC सरकार और उसके नेताओं के खिलाफ नाराज हैं और उन्होंने अपने गुस्से का इजहार किया।भाजपा के एक स्थानीय नेता ने कहा, “लोग भ्रष्टाचार और अनियमितताओं से परेशान हैं। जनता अब खुलकर विरोध कर रही है। इसका भाजपा से कोई लेना-देना नहीं है।” भाजपा नेताओं ने दावा किया कि बंगाल में जनता का भरोसा TMC से लगातार कम हो रहा है और यही कारण है कि अब पार्टी नेताओं को सार्वजनिक विरोध का सामना करना पड़ रहा है।
बंगाल में ‘चोर-चोर’ नारे का बढ़ता ट्रेंड
दरअसल हाल के दिनों में पश्चिम बंगाल की राजनीति में “चोर-चोर” का नारा काफी चर्चा में रहा है। TMC नेताओं के खिलाफ कई जगहों पर इसी तरह के विरोध प्रदर्शन देखने को मिले हैं। राज्य में चुनावी झटकों और भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद कई TMC नेताओं को जनता के गुस्से का सामना करना पड़ा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विपक्ष इन नारों को जनता के असंतोष का प्रतीक बताकर TMC को घेरने की कोशिश कर रहा है।

ममता बनर्जी भी हो चुकी हैं विरोध का शिकार
बता दें की इससे पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को भी सार्वजनिक विरोध का सामना करना पड़ा था। कोलकाता हाई कोर्ट में चुनाव बाद हिंसा मामले की सुनवाई के बाद जब वह बाहर निकलीं, तब कुछ लोगों और वकीलों ने “चोर-चोर” के नारे लगाए थे। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ था। विपक्ष ने इसे जनता के गुस्से की अभिव्यक्ति बताया था, जबकि TMC ने इसे भाजपा समर्थित साजिश करार दिया था।
अभिषेक बनर्जी और महुआ मोइत्रा भी बने निशाना
TMC के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी को भी हाल ही में विरोध का सामना करना पड़ा। उनके घर के बाहर कुछ लोगों ने “चोर-चोर” के नारे लगाए थे। इतना ही नहीं, उन्हें “फाइल चोर” कहकर भी निशाना बनाया गया। वहीं TMC सांसद महुआ मोइत्रा के साथ भी ऐसी घटना सामने आई थी। बताया गया कि फ्लाइट में कुछ यात्रियों ने उन्हें “TMC चोर” कहकर नारे लगाए थे। इन घटनाओं के बाद बंगाल की राजनीति में माहौल और ज्यादा गरमा गया है।
भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरी TMC
पश्चिम बंगाल में पिछले कुछ वर्षों से TMC सरकार पर कई भ्रष्टाचार के आरोप लगते रहे हैं। शिक्षक भर्ती घोटाला, नगर निकायों में कथित भ्रष्टाचार और अन्य मामलों को लेकर विपक्ष लगातार ममता सरकार को घेरता रहा है। भाजपा का आरोप है कि राज्य में भ्रष्टाचार संस्थागत रूप ले चुका है। वहीं TMC इन आरोपों को राजनीतिक बदले की कार्रवाई और विपक्ष की साजिश बताती रही है।
जनता के बीच बढ़ रही नाराजगी?
राजनीतिक एक्सपर्ट्स का कहना है कि बंगाल में बढ़ती राजनीतिक हिंसा और भ्रष्टाचार के आरोपों ने जनता के एक वर्ग में नाराजगी पैदा की है। हालांकि TMC अब भी राज्य की सबसे मजबूत राजनीतिक ताकत मानी जाती है, लेकिन विपक्ष लगातार जनता के असंतोष को मुद्दा बनाने की कोशिश कर रहा है।
एक्सपर्ट्स के अनुसार आने वाले समय में बंगाल की राजनीति और ज्यादा आक्रामक हो सकती है, क्योंकि सभी दल आगामी चुनावों की तैयारी में जुट चुके हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
सौगत रॉय के विरोध का वीडियो सोशल media पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में कुछ लोग उनकी गाड़ी के सामने नारेबाजी करते दिखाई दे रहे हैं। कई यूजर्स ने इस घटना पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दी हैं। कुछ लोगों ने इसे लोकतांत्रिक विरोध बताया, जबकि कई यूजर्स ने नेताओं के खिलाफ इस तरह के व्यवहार को गलत करार दिया। सोशल मीडिया पर भाजपा और TMC समर्थकों के बीच तीखी बहस भी देखने को मिली।
बंगाल की राजनीति में बढ़ी गर्मी
इस घटना ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि पश्चिम बंगाल की राजनीति में तनाव लगातार बढ़ रहा है। TMC और भाजपा के बीच टकराव अब सड़क से लेकर सोशल मीडिया तक खुलकर दिखाई दे रहा है। सौगत रॉय के साथ हुई घटना को लेकर आने वाले दिनों में राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की गई है।



