Rahul Gandhi: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने दिल्ली पुलिस पर महिला प्रदर्शनकारियों और महिला पत्रकारों के साथ कथित बदसलूकी को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने जंतर-मंतर पर हुई पुलिस कार्रवाई का जिक्र करते हुए महिलाओं को हिरासत में लेने, उनके साथ गलत व्यवहार करने और पत्रकारों को कवरेज से रोकने के आरोप लगाए। राहुल गांधी ने साकेत पुलिस स्टेशन से जुड़ी एक कथित घटना पर भी चिंता जताई। उन्होंने मांग की कि थाने की पूरी CCTV फुटेज सामने लाई जाए और अगर किसी पुलिसकर्मी की गलती साबित होती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई हो। साथ ही, उन्होंने महिलाओं को न्याय दिलाने और पूरे मामले में जवाबदेही तय करने की मांग की है। ऐसे में आइए यहां पढ़ें पूरी खबर
जंतर-मंतर पर महिला प्रदर्शनकारियों को लेकर सवाल
राहुल गांधी ने दावा किया कि जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन के दौरान कई महिला प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस कार्रवाई के दौरान कुछ महिलाओं ने पुरुष पुलिसकर्मियों पर गलत व्यवहार करने के आरोप लगाए।
कांग्रेस नेता के मुताबिक, प्रदर्शन की कवरेज करने पहुंची कुछ महिला पत्रकारों को भी कथित तौर पर परेशानियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने दावा किया कि कुछ पत्रकारों के कैमरे छीन लिए गए। इसके अलावा 2 महिला प्रदर्शनकारियों को कथित तौर पर घसीटकर ले जाने का भी आरोप लगाया गया।
राहुल गांधी ने कहा कि अगर किसी प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना जरूरी है, तो भी पुलिस की कार्रवाई तय नियमों और सम्मानजनक तरीके से होनी चाहिए। खासकर महिलाओं के साथ किसी भी तरह के दुर्व्यवहार की शिकायत को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
महिला पत्रकारों से मुलाकात का भी किया जिक्र
राहुल गांधी ने अपने सरकारी आवास पर 2 महिला पत्रकारों से मुलाकात की। इन पत्रकारों ने कुछ दिनों पहले दिल्ली पुलिस पर कथित मारपीट और बदसलूकी के आरोप लगाए थे। राहुल गांधी ने उनके द्वारा बताए गए अनुभवों को गंभीर बताया और पुलिस की भूमिका को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पत्रकार अगर किसी घटना की रिपोर्टिंग करने के लिए मौके पर मौजूद हैं, तो उन्हें अपना काम करने से रोकने या उनके साथ अनुचित व्यवहार करने की शिकायतों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
राहुल गांधी ने यह भी आरोप लगाया कि एक महिला पत्रकार की शिकायत पर कथित तौर पर FIR दर्ज नहीं की गई। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर किसी महिला ने पुलिस के खिलाफ गंभीर शिकायत की है, तो उसकी शिकायत पर कानून के अनुसार कार्रवाई क्यों नहीं हुई।

साकेत पुलिस स्टेशन की घटना का भी जिक्र
कांग्रेस सांसद ने साकेत पुलिस स्टेशन से जुड़ी एक पुरानी घटना का भी उल्लेख किया। राहुल गांधी के अनुसार, शाहीन और नफीसा नाम की 2 महिला पत्रकारों ने पुलिस स्टेशन के अंदर कथित हिंसा और बदसलूकी के बारे में उन्हें जानकारी दी।
राहुल गांधी ने कहा कि पुलिस से मदद मांगने वाली महिलाओं के साथ पुलिसकर्मियों का व्यवहार सवालों के घेरे में नहीं आना चाहिए। यदि किसी पुलिसकर्मी पर गलत व्यवहार या हिंसा का आरोप लगता है, तो मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है। उन्होंने इस तरह की शिकायतों को केवल राजनीतिक विवाद के तौर पर देखने के बजाय महिलाओं की सुरक्षा और कानून के शासन से जोड़कर देखने की जरूरत बताई।
‘थाने की CCTV फुटेज सार्वजनिक की जाए’
राहुल गांधी ने साकेत पुलिस स्टेशन की पूरी CCTV फुटेज सामने लाने की मांग की। उन्होंने कहा कि घटना की सच्चाई सामने लाने के लिए पुलिस स्टेशन में लगे कैमरों की रिकॉर्डिंग की जांच की जानी चाहिए।
कांग्रेस नेता ने मांग की कि अगर जांच में किसी अधिकारी या पुलिसकर्मी की गलती सामने आती है, तो उसके खिलाफ तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने शाहीन, नफीसा और कथित तौर पर पुलिस कार्रवाई का सामना करने वाली अन्य महिलाओं के लिए न्याय की मांग भी की।
अमित शाह से भी मांगा जवाब
राहुल गांधी ने दिल्ली पुलिस के प्रशासनिक नियंत्रण को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने इस पूरे मामले को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को भी निशाने पर लिया और जवाबदेही तय करने की मांग की।
दिल्ली में विरोध प्रदर्शनों के दौरान पुलिस की कार्रवाई को लेकर पहले भी राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप होते रहे हैं। ऐसे में राहुल गांधी का ताजा बयान इस मुद्दे को एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में ले आया है।
फिलहाल, राहुल गांधी द्वारा लगाए गए आरोपों पर दिल्ली पुलिस या संबंधित अधिकारियों की ओर से विस्तृत प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है। ऐसे में पूरे मामले की वास्तविक स्थिति जांच और संबंधित पक्षों के आधिकारिक बयान के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
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